आठ दिन 28 शहर 1600 किलोमीटर!

Standard

आठ दिन 28 शहर 1600 किलोमीटर!
24 नवंबर को दिल्ली छोड़ी थी और दो दिसंबर को लौटा यानी पूरे आठ दिन। इस बीच ट्रेन की सवारी भी की और बस की तथा मांगे की कार की भी। रास्ते में आप 28 जगह रुकें, फेसबुक मित्रों का जमावड़ा करें तथा चायपान के बाद आगे बढ़ लें, यह कोई आसान सफर नहीं था मगर मैने पूरा किया। 1600 किमी की इस आवारगी में आठ दिन गुजर गए। लेकिन जब तक आवारगी नहीं करेंगे तब तक दुनिया को कैसे जानेंगे? दिल्ली से गोरखपुर के बीच की इस यात्रा में थ्रिल था और सब को सुनने व जानने-समझने का मौका भी मिला। स्त्रियों व पुरुषों दोनों को। किशोर, युवा और जवानों को भी। उनके बदलते ट्रेंड को जाना और उनके अंदर चल रही कसमकश को भी। केंद्र व राज्य सरकारों के विकास की पोल को भी देखा और मीडिया की अहमन्यता तथा तिल को ताड़ बनाने की उसकी समझ को भी देखा।  एक बात जो देखी कि यूपी में एनएचएआई की सड़कों पर न चलें तो बेहतर। टोल पर लूट है और सड़कें जानलेवा। मसलन कानपुर से लेकर लखनऊ के बीच की मात्र 80 किमी की दूरी पर आपको कार के लिए 60 रुपये देने पड़ते हैं मगर सड़क पर एक-एक फिट गहरे गड्ढे हैं। आगे एनएच-28 पर लखनऊ के आगे वाया बाराबंकी, फैजाबाद, बस्ती, संतकबीर नगर से लेकर गोरखपुर तक पूरे पांच टोल पड़ते हैं। 95 से 85 रुपये तक टोल भरना पड़ता है। और टोल पर वाहनों का जाम इतना हो जाता है कि लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक महज 280 किमी की यात्रा पूरे छह घंटे में पूरी हो पाती है। हर टोल पर 15 से 30 मिनट तक जाया जाना लाजिमी है। टोल कर्मचारी गुंडों की तरह सलूक करते हैं। मसलन 95 रुपये का टोल देने के लिए आप सौ रुपये देंगे तो वे आपको पांच रुपये के बदले में नमकीन का पैकेट या टाफी पकड़ा देंगे। विरोध करने पर गुंडई करेंगे। फोरलेन हाई वे पर कहीं भी डिवाइडर में हैज नहीं लगवाई गई जिस वजह से विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों की हेड लाइट अंधा कर देती है। इसके उलट राज्य के हाईवे एसएच रोड बेहतर हैं। बाराबंकी रोड पर लखनऊ में बाबू बनारसी दास कालेज के पास से एक फलाईओवर ऐसा बनाया ा है जो सीधे आपको अमौसी लाता है। राज्य सरकार की यह फोरलेन फ्लाई ओवर कोई 25 किमी का है लेकिन शानदार है। रात को उसमें रेडियम की पट्टियां चमकती हैं इसलिए एक्सीडेंट का डर नहीं और डिवाइडर में इतनी डेंस ग्रीनरी है कि उस पट्टी पर चल रहे वाहन की हेड लाइट आप पर कतई नहीं पड़ेगी। आठ दिन तक यूपी में रहा लेकिन इस बीच शायद ही कहीं बिजली जाती मैने देखी हो। लखनऊ तो खैर राजधानी है मगर कानपुर में खूब बिजली आती रही। सरकार चाहे बसपा की रही हो चाहे सपा की विकास कार्य हुए हैं। पर मीडिया को दिखाई नहीं पड़ते। कभी दिल्ली से बाहर निकलिए और नोएडा या वसुंधरा, वैशाली ही नहीं थोड़ा आगे बढि़ए सुदूर पूरब तक जाएं तो विकास आपको दिखेगा। अगर यमुना एक्सप्रेस हाई वे से चलकर नोएडा से आगरा आप महज डेढ़ घंटे में पहुंच सकते हैं तो यकीन मानिए कि जल्द ही अखिलेश यादव सरकार जो गंगा एक्सप्रेस हाई वे बनवा रही है उसके जरिए आप आगरा से लखनऊ महज तीन घंटे में पहुंच जाएंगे। जिस तेजी से यह रोड बन रहा है उससे तो यही लगता है कि बस डेढ़ साल में ही यह चमत्कार हो जाएगा।

Advertisements

Comment

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s